लक्ष्य तय कर में पाने में जुटें

लक्ष्य तय कर में पाने में जुटें

 एचसीएल और शिव नाडर फाउंडेशन के फाउंडर-चेयरमैन शिव नाडार ने आम आदमी से अरबपति बनने तक का सफर तय किया है। तमिलनाडु के थूठुकुडी जिले के छोटे से गांव मुलाइपुझी में 1945 में जन्मे शिव ने कुम्बकोनम के टाउन हायर सेकेंडरी स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा हासिल की। द अमरीकन कॉलेज मदुरै से उन्होंने प्री-यूनिवर्सिटी डिग्री प्राप्त की। इसके बाद पीएसजी कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, कोयम्बटूर से इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी की। शिव ने अपना कॅरियर 1967 में पुणे में वालचंद ग्रुप ऑफ इंजीनियरिंग से शुरू किया। उनके जेहन में खुद का कोई वेंचर शुरू करने का विचार कुलबुला रहा था,लिहाजा उन्होंने थोड़ा अनुभव हासिल करने के बाद अपने कुछ युवा साथियों के साथ मिलकर माइक्रोकॉम्प कंपनी की शुरुआत की, जिसके जरिए वे भारतीय मार्केट में टेलीडिजिटलं कैलकुलेटर्स बेचने लगे। फिर उन्होंने 1976 में एक लाख 87 हजार रुपए के निवेश के साथ एचसीएल (हिंदुस्तान कम्प्यूटर्स लिमिटेड) शुरू की। फिर उन्होंने 1980 के दौरान सिंगापुर में अपनी ब्रांचखोलकर एचसीएल को एक इंटरनेशनल कंपनी बनाया और पहले साल में कंपनी ने 10 लाख रुपए कमाए। धीरे-धीरे आइटी मार्केट में उनकी कंपनी की एक अलग पहचान बन गई। 1996 में शिव ने चेन्नई में एसएसएन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग की स्थापना की। शिव चाहते थे कि इंडियन स्टूडेंट्स विदेशी यूनिवर्सिटीज के साथ रिसर्च प्रोजेक्ट्स में भी आगे बढ़कर भाग लें। लिहाजा उन्होंने स्टूडेंट्स को इस दिशा में भी प्रमोट किया। शिव मानते हैं कि बिना लक्ष्य के सफलता प्राप्त नहीं की. जा सकती, इसलिए सपने देखें और अपना लक्ष्य तय करें और इस लक्ष्य को पाने में जुट जाएं। आपको सफलता एक न एक दिन सफलता जरूर मिलेगी।

Success factor

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